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Wednesday, 25 July 2012

कम पड़े टॉयलेट, एथलीटों को लगानी पड़ रही लाइन


मुंबई के चॉल में नित्यकर्म निभाने के लिए टॉयलेट (बॉथरूम) के बाहर लगी लंबी लाइन लोगों ने कई बार फिल्मों में या खुद अपनी आंखों से देखी होगी। लंदन में इसी हफ्ते शुरू होने जा रहे खेलों के सबसे बड़े खेल आयोजन में भी कुछ वैसा ही दृश्य है। ओलंपिक खेल गांव पहुंचे एथलीटों को यहां टॉयलेट की कमी का सामना करना पड़ रहा है। खेल गांव में एक बॉथरूम को चार लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। कभी-कभी यह संख्या छह तक पहुंच जा रही है। एथलीटों की माने तो यह उनके लिए बड़ी ही विकट परिस्थिति है। कई एथलीटों ने तो अपनी दिनचर्या के लिए अलग-अलग वक्त तय कर लिया है। किसी भी खेल आयोजन में व्यवस्था को लेकर नाक-भौं सिकोड़ने में सबसे आगे रहने वाले 'अंग्रेज' इस मामले में अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं। खेल गांव में मौजूद एक भारतीय अधिकारी ने कहा, 'यह सचमुच आश्चर्यजनक है कि एथलीटों को सबसे बड़े खेल आयोजन में ऐसी अजीब परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है और वे इससे खासे परेशान हैं।' एक अन्य अधिकारी ने बताया, 'अभी तक हालात बिगड़े नहीं हैं, लेकिन फिर भी कभी-कभी यदि कोई खिलाड़ी बाथरूम में ज्यादा वक्त ठहर जा रहा है तो उसे अपार्टमेंट में ठहरे अन्य साथी खिलाड़ियों की घूरती नजरों का सामना करना पड़ जाता है।' दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले चुके एक भारतीय मुक्केबाज ने कहा, 'दिल्ली खेल गांव में बने अपार्टमेंट इससे बेहतर थे। वहां कम से कम टॉयलेट के बाहर लंबी लाइन तो नहीं लगती थी।' 'टॉयलेट ट्रबल' की यह बात सबसे पहले ऑस्ट्रेलियाई हॉकी कोच रिक चा‌र्ल्सवर्थ ने उठाई थी। उन्होंने बताया कि ड्रॉ के हिसाब से उनकी टीम को तीन मैच सुबह 8.30 बजे से खेलने हैं और टॉयलेट की कमी के कारण खिलाड़ियों को भारी परेशानी होने वाली है। इन मैचों में समय से पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को सुबह पांच बजे से ही तैयारी में जुट जाना होगा।

Sunday, 22 July 2012

ओलिम्पिक उद्‍घाटन समारोह में भाग लेंगे बैकहम

लंदन को ओलिम्पिक मेजबानी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले डेविड बैकहम को आखिरी मिनट में ओलिम्पिक उद्‍घाटन समारोह का हिस्सा बनने के लिए कहा गया है। उद्‍घाटन समारोह को दुनिया के लगभग चार अरब लोग देखेंगे। आयोजकों ने शुक्रवार को होने वाले उद्‍घाटन समारोह में बैकहम के लिएखास तौर पर कार्यक्रम तैयार किया है। बैकहम के करीबी सूत्रों ने कहा वह वास्तव में ओलिम्पिक का हिस्सा बनकर खुश और उत्साहित है। यह उनका अपना शहर है और वह इससे बेहतर की उम्मीद नहीं कर सकते थे। यह बहुत खास होगा। इंग्लैंड की फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान लंदन 2012 खेलों के मुख्य प्रचारक रहे हैं। माना जा रहा था कि उन्हें ब्रिटेन की फुटबॉल टीम में चुना जाएगा क्योंकि उन्होंने 2005 में अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति की सिंगापुर में हुई बैठक में लंदन को मेजबानी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। बैकहम ने तब सेबेस्टियन को (लंदन ओलिम्पिक आयोजन समिति के प्रमुख) और तत्कालीन प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के साथ मिलकर लंदन के लिए जबर्दस्त लॉबिंग की थी लेकिन फुटबॉल टीम के मैनेजर स्टुअर्ट पीयर्स ने इस खिलाड़ी को टीम में नहीं चुना। बैकहम इस फैसले से निराश और नाराज थे और उन्होंने ओलिम्पिक का बहिष्कार करने की धमकी दे दी थी। बैकहम ने तब कहा, ‘सभी जानते हैं कि अपने देश की तरफ से खेलना मेरे लिए कितना मायने रखता है, इसलिए मैं ग्रेट ब्रिटेन की इस खास टीम का हिस्सा बनकर खुद को सम्मानित महसूस करता।' आयोजन समिति के अध्यक्ष लार्ड को भी इससे हैरान थे और उन्होंने तभी से बैकहम को ओलिम्पिक का हिस्सा बनाने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी थी। कयास लगाए जा रहे थे वह ओलिम्पिक मशाल प्रज्जवलित करेंगे लेकिन अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति के नियमों के अनुसार ओलिम्पियन नहीं होने के कारण वह इसके योग्य नहीं थे। यह भी सुझाव दिया गया कि उन्हें उन आठ ब्रिटिशवासियों में शामिल किया जाए जो स्टेडियम में ओलिम्पिक ध्वज लेकर आएंगे लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। इसके बजाय आयोजकों ने उद्‍घाटन समारोह में नया कार्यक्रम जोड़ दिया। उद्‍घाटन समारोह में बैकहम की भूमिका को लेकर आखिरी फैसला सोमवार को किया जाएगा। बैकहम अभी एलए गैलेक्सी की तरफ से खेलने के लिए अमेरिका में हैं और रिहर्सल के लिए वह जल्द स्वदेश लौट सकते हैं।